लखनऊ, बाराबंकी और बरेली में 2जी की जगह लगेंगे 4जी स्मार्ट मीटर, मोबाइल पर मिलेगा बिजली बिल
4G smart meters to replace 2G ones in Lucknow
लखनऊ। 4G smart meters to replace 2G ones in Lucknow, राजधानी सहित बाराबंकी और बरेली में लगे 2 जी स्मार्ट मीटर की जगह अब 4जी स्मार्ट लगाए जाएंगे, इनकी संख्या साढ़े तीन लाख के आसपास है। इसकी कवायद शुरू कर दी गई है। अब इन उपभोक्ताओं के घरों में भी मीटर रीडर नहीं जाएंगे। मोबाइल पर बिल का मैसेज आ जाएगा और उसी से उपभाेक्ता डाउनलोड भी बिल कर लेंगे।
भविष्य में मीटर रीडर का काम मार्च 2028 तक पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। इससे मध्यांचल का हर माह ढाई से तीन करोड़ रुपये जो राजस्व वसूली के लिए खर्च होता है, वह बच जाएगा। हालांकि मीटर लगाने वाली एजेंसी का काम धीमा चल रहा है। एक करोड़ चार लाख उपभोक्ताओं के परिसरों में 4जी वाले स्मार्ट मीटर लगने हैं और यह अभी पचास प्रतिशत भी नहीं हो पाया है।
दो साल पहले खत्म करना था काम
मीटर लगाने का काम दो साल में खत्म करना था, डेढ़ साल फिलहाल पूरे हो चुके हैं। यह तय है कि पावर कारपोरेशन एजेंसी को मीटर लगाने का समय और देगा। इसके अलावा ईईएसएल वाले मीटर भी हटाने हैं, इसलिए समय मिलना पक्का माना जा रहा है। अब नई कंपनी इन्टैलिस शहरी क्षेत्र में और पोलरिस ग्रामीण क्षेत्र में मीटर को दस साल तक रखरखाव करेगी।
मीटर खराब होने, सिम में दिक्कत आने व अन्य समस्या पर यही एजेंसी बिजली विभाग के साथ काम करेगी। वर्तमान में लखनऊ में भी पचास प्रतिशत ही स्मार्ट मीटर लग पाए है। उदाहरण के तौर पर गोमती नगर जोन में ढाई लाख के आसपास उपभोक्ता हैं, इनमें 47 हजार ही 4जी वाले स्मार्ट मीटर लग पाए हैं।
यहां 50 प्रतिशत ही मीटर लगे हैं, इसी तरह जानकीपुरम जोन, अमौसी जोन और लखनऊ मध्य जोन में मीटर रीडरों की भविष्य में छुट्टी तय मानी जा रही है। बता दें कि केंद्र सरकार स्मार्ट मीटरों की व्यवस्था बेहतर करने के लिए 17 हजार करोड़ की फंडिंग की है। इस मदद से बिजली विभाग की आर्थिक सेहत में सुधार भी माना जा रहा है।